अंधेरेसे उजालेतक राह दिखानेवाली शिवाजी टेक्निकल पाठशाला की दीपपूजा

उपर्युक्त संस्था गये ६२ वर्ष से शैक्षणिक क्षेत्र में कार्यरत है| संस्था में के. जी. से लेकर पदवी तक ५५०० से अधिक विद्यार्थी प्रतिवर्ष अध्ययन ले रहे है|

            उपर्युक्त संस्थाने बुधवार दिनांक २८ जुलाई २०२२ को शाम ०५.०० बजे आषाढ अमावस्या निमित्त दीप पुजा कार्यक्रम आयोजित किया गया था|  इस कार्यक्रम में एक टेबल पर विविध आकार के विविध धातू के दीये जलाएँ गये थे| उसमे मिट्टी के, चीनी माटी के, पत्थरो के, विविध प्रकार के धातुओं के दीये भी शामिल थे बिजली पर चलने वाले दीये भी पुजा स्थान पर रखे गये थे|  विद्यार्थीयोंने अपनी कक्षा संघ के साथ आकर दीये की पुजा की गई| प्रार्थना बोलकर एकाग्रता से विविध दीये का निरिक्षण किया गया था|  विद्यार्थीयो को यह त्यौहार क्यो मनाना चाहिए और दीये के विविध प्राकर की जानकारी उन्हें दी गई|  विद्यार्थीयोंकी एकाग्रता बढाने के लिए उन्हें दीये की लौंको निरंतर देखने से एकाग्रता कौशल्य बढाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया|  बिजली का योग्य उपयोग और बिजली बचत करना इसकी भी जानकारी दी गई|  दीया खुद जलकर दुसरों को रोशनी देता है|  अपने जीवन में भी हमें दुसरो के भलाई के लिए चुने हुए महात्माओं के विचारों को इस दिन स्मरण करना चाहिए|  इत्यादी मार्गदर्शन विद्यार्थीयों को दिया गया| 

            स्कूल के सुबह और दोपहर अधिवेशन के मराठी, सेमी अग्रेंजी और अग्रेंजी माध्यम के कुल अंदाज से १२०० के गट में विर्द्थ्यायों ने इस कार्यक्रम मे सहभाग लिया|  शिवाजी शिक्षण संस्था के तरफ से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया| 

            ३०० बच्चों ने एकसाथ सहभागी होकर ५०० से अधिक दिये एक ही समय प्रज्वलित करके एकाग्रता बढाने के लिए कार्यक्रम शाम ०५.०० बजे स्कूल के विद्यार्थीयों के लिए आयोजित किया गया|  सरस्वती स्तोत्र, गायत्री मंत्र, दीपजोती स्तुती आदि देव नमस्तुभ्यम और शांतिमंत्र का पठन और ध्यान साधना से विद्यार्थीयों की एकाग्रता को बढाने की पाठ पढाया गया|


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